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नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी (सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ) के लिठ11 टिपà¥à¤¸
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी कà¥à¤¯à¤¾ है?
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ाने वाले कारक
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के संकेत और लकà¥à¤·à¤£
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी कैसे होती है?
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी का पहला चरण :
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी का दूसरा चरण – बचà¥à¤šà¥‡ का बाहर आना
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी का तीसरा चरण – गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² का बाहर आना
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में कितना समय लगता है?
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ाने के लिठ11 टिपà¥à¤¸
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करें और कà¥à¤¯à¤¾ न करें?
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठखानपान की चीजों से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ टिपà¥à¤¸
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ टिपà¥à¤¸
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठयोगासन से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ टिपà¥à¤¸
पेरिनियल मालिश कब शà¥à¤°à¥‚ करें?
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी का विकलà¥à¤ª कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ चाहिà¤?
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
हर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को चिंता होते है कि उसकी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होगी या सिजेरियन। आमतौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी कराने की ही सलाह देते हैं। वहीं, नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में होने वाले दरà¥à¤¦ के मदà¥à¤¦à¥‡à¤¨à¤œà¤° बीते कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ सिजेरियन डिलीवरी का विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨ रही हैं। नेशनल हेलà¥à¤¥ फैमिली सरà¥à¤µà¥‡ (वरà¥à¤· 2015-16) के आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पिछले 5 सालों में शहरी इलाकों में 28.3 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं ने सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के जरिठडिलीवरी कराने का विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¤¾à¥¤ वहीं गांव-देहात में 12.9 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं ने सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ से डिलीवरी कराई, जबकि साल 2005-06 में कà¥à¤² सिजेरियन डिलीवरी (शहर और गांव दोनों जगहों पर हà¥à¤ˆ सिजेरियन डिलीवरी) का आंकड़ा महज 8.5 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ था (1)। इसके बावजूद, नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी को सिजेरियन डिलीवरी से बेहतर माना गया है। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के संबंध में ही बात करेंगे।
आइà¤, लेख की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करते हैं और नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ को समà¤à¤¤à¥‡ हैं।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी कà¥à¤¯à¤¾ है?
यह पà¥à¤°à¤¸à¤µ या डिलीवरी की à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, जिसमें शिशॠका जनà¥à¤® महिला के योनि मारà¥à¤— से पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तरीके से होता है। अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में किसी तरह की मेडिकल समसà¥à¤¯à¤¾ न हो, तो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी हो सकती है (2)।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ाने वाले कारक
नीचे हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ कारकों के बारे में बता रहे हैं, जो नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ा सकते हैं :
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की पहले नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी हà¥à¤ˆ हो।
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को किसी तरह की शारीरिक बीमारी (जैसे- असà¥à¤¥à¤®à¤¾ आदि) न हो।
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला और गरà¥à¤ में शिशॠका वजन सामानà¥à¤¯ हो।
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान किसी गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ न हो।
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शारीरिक रूप से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहे।
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र और खून में हिमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ सामानà¥à¤¯ हो (3)।
नोट: ऊपर बताठगठकारक नारà¥à¤®à¤² डिलीवरी होने की गारंटी नहीं देते हैं। ये केवल नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ाते हैं।
लेख में आगे हम उन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में बात करेंगे, जो नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की ओर संकेत करते हैं।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के संकेत और लकà¥à¤·à¤£ | Normal Delivery Ke Lakshan
जी हां, कà¥à¤› खास संकेतों और लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के आधार पर नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होने का अंदाजा लगाया जा सकता है। आमतौर पर ये लकà¥à¤·à¤£ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के शरीर में पà¥à¤°à¤¸à¤µ के चार सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पहले से नजर आने लगते हैं। ये लकà¥à¤·à¤£ व संकेत इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 34वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से 36वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच अगर à¤à¥à¤°à¥‚ण का सिर नीचे की ओर आ जाà¤, तो यह नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ा देता है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण का सिर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की योनि पर दबाव डालता है, जिससे महिला को बार-बार पेशाब आता है। यह à¤à¥à¤°à¥‚ण का नीचे आने का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है।
अगर à¤à¥à¤°à¥‚ण के नीचे की ओर आने से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को चलने-फिरने में परेशानी महसूस होने लगे, तो ये नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है।
डिलीवरी का समय नजदीक आने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के गà¥à¤¦à¤¾à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤° की मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं। इस कारण महिला को पतले मल की शिकायत हो सकती है। इसे नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी का संकेत à¤à¥€ माना जा सकता है।
आइà¤, अब यह जानते हैं कि नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ होती है।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी कैसे होती है? | Normal Delivery Kaise Hoti Hai
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को कà¥à¤² तीन चरणों में बांटा गया है। इसके पहले चरण को à¤à¥€ तीन हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में बांटा गया है, जिनके बारे में नीचे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताया गया है।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी का पहला चरण :
1. लेटेंट पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ : नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में लेटेंट की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ लंबे समय तक चलती है। इसमें गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ 3 सेंटीमीटर तक खà¥à¤² सकती है। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ डिलीवरी के à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पहले या डिलीवरी के कà¥à¤› घंटों पहले शà¥à¤°à¥‚ हो सकती है। इस दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को बीच-बीच में संकà¥à¤šà¤¨ à¤à¥€ हो सकते हैं।
लेटेंट पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से गà¥à¤œà¤° रही गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठटिपà¥à¤¸ :
आराम करें और अपना पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें।
बीच-बीच में चलती-फिरती रहें और खूब पानी पिà¤à¤‚।
अकेली न रहें, अपने साथ किसी न किसी को जरूर रखें।
असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाने के लिठतैयारी शà¥à¤°à¥‚ कर दें।
अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
2. à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ : à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ 3-7 सेंटीमीटर तक खà¥à¤² जाती है। इस दौरान संकà¥à¤šà¤¨ की वजह से तेज दरà¥à¤¦ होता है। à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से गà¥à¤œà¤° रही गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठटिपà¥à¤¸ :
अगर संकà¥à¤šà¤¨ तेज होने लगे, तो खà¥à¤¦ को रिलैकà¥à¤¸ रखें और सांसों के वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें।
किसी से अपने कंधों व कमरे की मालिश कराà¤à¤‚। इससे आपको आराम मिलेगा।
à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ में आपको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में होना चाहिà¤, ताकि आपकी व à¤à¥à¤°à¥‚ण की धड़कन चेक की जा सके।
3. टà¥à¤°à¤¾à¤‚जिशन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ : टà¥à¤°à¤¾à¤‚जिशन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ 8-10 सेंटीमीटर तक खà¥à¤² जाती है। इस दौरान संकà¥à¤šà¤¨ लगातार होते रहते हैं और दरà¥à¤¦ à¤à¥€ बढ़ जाता है। टà¥à¤°à¤¾à¤‚जिशन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से गà¥à¤œà¤° रही गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठटिपà¥à¤¸ :
अगर योनि से दà¥à¤°à¤µ आ रहा है, तो इसकी गंध व रंग के डिटेल को à¤à¤• जगह नोट कर लें।
शांत रहें और सांसों के वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें।
à¤à¤¸à¥‡ समय में डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपकी व होने वाले शिशॠकी धड़कन को चेक कर सकते हैं।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी का दूसरा चरण – बचà¥à¤šà¥‡ का बाहर आना
इस दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पूरी तरह से खà¥à¤² जाती है और संकà¥à¤šà¤¨ की गति तेज हो जाती है। इस चरण में शिशॠका सिर पूरी तरह से नीचे आ जाता है। इस समय डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला से खà¥à¤¦ से जोर लगाने के लिठकहते हैं। à¤à¤¸à¤¾ करने पर पहले शिशॠका सिर बाहर आता है। इसके बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠके बाकी शरीर को बाहर निकाल लेते हैं।
दूसरे चरण से गà¥à¤œà¤° रहीं गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठटिपà¥à¤¸ :
संकà¥à¤šà¤¨ के दौरान आप बीच-बीच में अपनी पॉजिशन बदलती रहें।
नियमित रूप से सांस लेती रहें।
बचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤¶ करने की कोशिश बराबर करती रहें।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी का तीसरा चरण – गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² का बाहर आना
शिशॠके बाहर आते ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² को काट कर अलग कर देते हैं। तीसरे चरण में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में मौजूद | पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा (अपरा) | बाहर निकलती है। शिशॠके जनà¥à¤® के बाद, पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवार से अलग होने लगती है। पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के अलग होने के दौरान à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को हलà¥à¤•े संकà¥à¤šà¤¨ होते हैं। ये संकà¥à¤šà¤¨ शिशॠके जनà¥à¤® के पांच मिनट बाद शà¥à¤°à¥‚ हो सकते हैं। पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के बाहर आने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ लगà¤à¤— आधे घंटे तक चल सकती है। इसके लिठà¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को खà¥à¤¦ से जोर लगाने के लिठकहते हैं (4)।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के संबंध में आगे और à¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ जानकारियां दी गई हैं।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में कितना समय लगता है?
आमतौर पर नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में लगने वाला समय गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की शारीरिक अवसà¥à¤¥à¤¾ पर निरà¥à¤à¤° करता है। अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की पहली बार नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होने जा रही है, तो इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में 7-8 घंटे तक का समय लग सकता है। वहीं, अगर यह गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की दूसरी डिलीवरी है, तो इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में थोड़ा कम समय लग सकता है (5)।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ाने के लिठ11 टिपà¥à¤¸ | Normal Delivery Ke Upay
नीचे दिठगठइन टिपà¥à¤¸ को अपनाकर कोई à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ा सकती है :
1. तनाव से दूर रहें : नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की इचà¥à¤›à¤¾ रखने वाली गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान तनाव से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिà¤à¥¤ इसके लिठवे चाहें तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगा सकती हैं, संगीत सà¥à¤¨ सकती हैं या फिर किताबें पढ़ सकती हैं।
2. नकारातà¥à¤®à¤• बातें न सोचें : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान नकारातà¥à¤®à¤• बातों से दूर रहें। डिलीवरी से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सà¥à¤¨à¥€-सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ नकारातà¥à¤®à¤• बातों और किसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ पर बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दें। याद रखें कि हर महिला का अनà¥à¤à¤µ अलग हो सकता है। इसलिà¤, दूसरों के बà¥à¤°à¥‡ अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ की वजह से अपने à¤à¥€à¤¤à¤° डर पैदा न करें।
3. पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बारे में सही जानकारी लें : सही जानकारियां डर को दूर करती हैं। इसलिà¤, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बारे में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सही जानकारी पाने की कोशिश करें। इससे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पà¥à¤°à¤¸à¤µ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को अचà¥à¤›à¥€ तरह से समà¤à¤¨à¥‡ में मदद मिलती है।
4. अपनों के साथ रहें : अपनों का साथ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप में मजबूत बनाता है। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हमेशा अपनों के साथ रहने की कोशिश करें।
5. सही डॉकà¥à¤Ÿà¤° चà¥à¤¨à¥‡à¤‚ : गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को डिलीवरी के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ काफी सोच-समà¤à¤•र करना चाहिà¤à¥¤ नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठà¤à¤¸à¤¾ डॉकà¥à¤Ÿà¤° चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ जरूरी है, जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के शरीर की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बारे में सही जानकारी देता रहे और नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी कराने की कोशिश करे।
6. मदद के लिठà¤à¤• अनà¥à¤à¤µà¥€ दाई रखें : नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की चाहत रखने वाली महिलाओं को अपने पास अनà¥à¤à¤µà¥€ दाई को रखने की सलाह दी जाती है। à¤à¤¸à¥€ दाइयों के पास नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी कराने का अचà¥à¤›à¤¾ अनà¥à¤à¤µ होता है, इसलिठवे डिलीवरी के दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठकाफी मददगार साबित हो सकती है। इसके अलावा, दाइयों को शिशॠके जनà¥à¤® के बाद की जाने वाली देखà¤à¤¾à¤² की à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ जानकारी होती है।
7. शरीर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ की नियमित रूप से मालिश करें : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने के बाद, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ अपने शरीर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ की मालिश शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हैं। इससे पà¥à¤°à¤¸à¤µ में आसानी होती है और तनाव à¤à¥€ दूर होता है (6)।
8. खà¥à¤¦ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखें : गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को हमेशा खà¥à¤¦ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखना चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खूब पानी या जूस पीना चाहिà¤à¥¤ लेबर पेन में पानी की कमी हो सकती है, इसलिठथोड़ा-थोड़ा करके पानी पीते रहें।
9. उठने-बैठने की सही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें : गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की उठने-बैठने से लेकर लेटने तक की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠपर असर डालती है। इसलिà¤, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हमेशा अपने शरीर को सही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रखने की कोशिश करनी चाहिà¤à¥¤ जैसे कि बैठते समय उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी पीठको ठीक से सहारा देकर बैठना चाहिà¤à¥¤
10. वजन नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखें : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में वजन बढ़ना सामानà¥à¤¯ बात है, लेकिन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का वजन बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥€ नहीं बढ़ना चाहिà¤à¥¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन होने से पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय परेशानी हो सकती है। दरअसल, मां अगर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मोटी हो, तो शिशॠको बाहर आने में कठिनाई होती है।
11. वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। इसलिà¤, डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लेकर नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जरूर करें। साथ ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर घर के रोजमरà¥à¤°à¤¾ के काम à¤à¥€ करते रहें (7)।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करें और कà¥à¤¯à¤¾ न करें? | Normal Delivery Ke Liye Kya Karna
Chahiye
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की खानपान और रहन-सहन की आदतें उसकी सेहत के साथ-साथ होने वाले शिशॠकी सेहत पर à¤à¥€ काफी असर डालती हैं। नीचे हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ आदतों के बारे में बता रहे हैं, जिसे नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठअहम माना जाता है।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठखानपान की चीजों से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ टिपà¥à¤¸ | Normal Delivery Ke Liye Kya Khana Chahiye
कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚?
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठअपने खानपान में डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, सूखे मेवों, बिना वसा वाले मांस, मौसमी फलों, अंडों, बेरियों व फलियों आदि को शामिल करना चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दिन à¤à¤° ढेर सारा पानी पीकर खà¥à¤¦ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखना चाहिठ(8)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कà¥à¤¯à¤¾ न खाà¤à¤‚?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कचà¥à¤šà¥‡ अंडे, शराब, सिगरेट, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में कैफीन, उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° के पारे वाली मछलियां, कचà¥à¤šà¤¾ पपीता, कचà¥à¤šà¥€ अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ चीजें, कà¥à¤°à¥€à¤® दूध से बने पनीर, कचà¥à¤šà¥‡ मांस, घर में बनी आइसकà¥à¤°à¥€à¤® व जंक फूड आदि से परहेज करना चाहिठ(9)।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ टिपà¥à¤¸ | Normal Delivery Ke Liye Exercise
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को किसी तरह की चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है, तो उसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने की सलाह दी जाती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से न सिरà¥à¤« मां और बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहते हैं, बलà¥à¤•ि इससे नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है।
कà¥à¤¯à¤¾ करें?
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को नीचे बताठगठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने की सलाह दी जाती है :
सà¥à¤¬à¤¹-शाम नियमित रूप से सैर करें।
थोड़ी देर तक सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग करें।
थोड़ी बहà¥à¤¤ साइकलिंग करें।
हलà¥à¤•ी-हलà¥à¤•ी दौड़ लगाà¤à¤‚।
आप चाहें तो पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® की कà¥à¤²à¤¾à¤¸ में à¤à¥€ जा सकती हैं (10)।
नोट: याद रखें कि हर à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अलग-अलग होती है। इसलिà¤, किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर लें।
कà¥à¤¯à¤¾ न करें?
वेटलिफà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग जैसे वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, जिनसे पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ पर दबाव पड़ता हो।
मारà¥à¤¶à¤² आरà¥à¤Ÿà¥à¤¸, सॉकर व बासà¥à¤•ेटबॉल आदि जैसे खेलों में हिसà¥à¤¸à¤¾ न लें।
अगर आपका किसी दिन वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने का मन न करें, तो उस दिन वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® न करें।
बà¥à¤–ार होने पर वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® न करें।
जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खिंचाव वाले वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® न करें।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® न करें। इससे आपको थकावट हो सकती है (10)।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठयोगासन से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ टिपà¥à¤¸ | Normal Delivery Ke Liye Yoga
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला नियमित रूप से कà¥à¤› खास तरह के योगासन करे, तो नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठनीचे दिठगठयोगासन करने की सलाह दी जाती है :
मारà¥à¤œà¤°à¥€ आसन
पेरिनियल मालिश कब शà¥à¤°à¥‚ करें?
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठपेरिनियल मालिश फायदेमंद साबित होती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 34वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से ये मालिश शà¥à¤°à¥‚ की जा सकती है। नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की चाहत रखने वाली गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को हर दिन कà¥à¤› मिनट के लिठपेरिनियल मालिश करने की सलाह दी जाती है। इस मालिश के लिठबादाम के तेल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है (12)। पेरिनियल मालिश करने का तरीका :
किसी à¤à¤•ांत सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर दीवार का सहारा लेकर बैठजाà¤à¤‚। बैठते समय पैरों को आगे की ओर रखें। चाहें तो पीठके पीछे आरामदायक तकिया à¤à¥€ रख सकते हैं।
हाथों को अचà¥à¤›à¥€ तरह धोकर उंगलियों पर थोड़ा-सा तेल लगा लें।
अब योनि के अंदर लगà¤à¤— 2.5 सेंटीमीटर तक दोनों हाथों के अंगूठें डालकर बाकी की उंगलियों को नितंबों पर रखें।
इसके बाद, धीरे-धीरे अंगूठों से योनि के अंदर के हिसà¥à¤¸à¥‡ की मालिश करें।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को पांच मिनट तक पेरिनियल मालिश करने की सलाह दी जाती है।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी का विकलà¥à¤ª कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ चाहिà¤?
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी का विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¤¨à¥‡ से मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों की सेहत को कई फायदे होते हैं। नीचे इन फायदों के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताया गया है।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी से मां को होने वाले लाठ:
डिलीवरी के बाद ठीक होने में में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय नहीं लगता है।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होने पर मां अपने बचà¥à¤šà¥‡ को तà¥à¤°à¤‚त दूध पिला पाती है।
सिजेरियन डिलीवरी के उलट नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में किसी तरह की चीर-फाड़ की जरूरत नहीं पड़ती है। इसलिà¤, मां बनने वाली औरत को डिलीवरी के बाद किसी तरह का दरà¥à¤¦ नहीं सहना पड़ता है।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी से शिशॠको होने वाले लाठ:
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होने पर, शिशॠको अपनी मां का साथ सिजेरियन डिलीवरी के मà¥à¤•ाबले थोड़ा पहले मिल पाता है।
बचà¥à¤šà¥‡ को मां का दूध जलà¥à¤¦à¥€ मिलता है। इससे बचà¥à¤šà¥‡ को पीलिया होने खतरा कम हो जाता है।
लेख के अंतिम à¤à¤¾à¤— में पाठकों के कà¥à¤› सवाल और उसके जवाब दिठगठहैं।
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अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
ये कैसे पता चलता है कि बचà¥à¤šà¥‡ को बाहर लाने के लिठकब और कितनी देर के लिठजोर लगाना है?
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ (Cervix) 10 सेंटीमीटर तक खà¥à¤² गई है, तो समठजाà¤à¤‚ कि शिशॠको बाहर लाने के लिठजोर लगाने का समय आ गया है। इस दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला अपनी टांगों के बीच शिशॠके सिर का दबाव महसूस करने लगती हैं। अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला ने à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल (Epidural) इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लिया है, तो हो सकता है कि उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जोर न लगाना पड़ें। इसके अलावा, डिलीवरी कराने वाले डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को जोर लगाने से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ देते रहते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ à¤à¤ªà¥€à¤¸à¥€à¤“टोमी (Episiotomy) कराने की जरूरत पड़ेगी?
कà¥à¤› खास परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में ही à¤à¤ªà¥€à¤¸à¥€à¤“टोमी कराने की जरूरत पड़ती है। आमतौर पर à¤à¤ªà¥€à¤¸à¥€à¤“टोमी करने की जरूरत तब पड़ती है, जब शिशॠके सिर का आकार मां के योनि à¤à¤¾à¤— से बड़ा हो। à¤à¤¸à¤¾ होने पर शिशॠको बाहर निकलने में कठिनाई होती है। इसके अलावा, अगर शिशॠबरà¥à¤¥ कैनाल में अटक जाà¤, तो उसे बाहर निकालने के लिठà¤à¥€ à¤à¤ªà¥€à¤¸à¥€à¤“टोमी का सहारा लेना पड़ता है। à¤à¤ªà¥€à¤¸à¥€à¤“टोमी करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के योनि à¤à¤¾à¤— पर चीरा लगाते हैं। आमतौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤ªà¥€à¤¸à¥€à¤“टोमी करने का फैसला डिलीवरी के दौरान ही लेते हैं (13)।
कà¥à¤¯à¤¾ डिलीवरी के बाद योनि पर टांके लगाने की जरूरत à¤à¥€ पड़ती है?
हां, डिलीवरी के दौरान जब बचà¥à¤šà¤¾ बाहर निकलने लगता है, तो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की योनि पर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दबाव पड़ता है। इस वजह से योनि का कोई हिसà¥à¤¸à¤¾ थोड़ा-सा फट à¤à¥€ सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में योनि पर टांके लगाने की जरूरत पड़ सकती है। साथ ही अगर à¤à¤ªà¥€à¤¸à¥€à¤“टोमी है, तो उसके बाद टांके लगाने ही होते हैं।
अगर पहले सिजेरियन डिलीवरी हो चà¥à¤•ी हो, तो कà¥à¤¯à¤¾ दूसरी बार गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने पर नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी हो सकती है? | Vaginal Birth After Cesarean (VBAC)
जी हां, अगर पहले सिजेरियन डिलीवरी हो चà¥à¤•ी हो, तब à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी का होना संà¤à¤µ है। यह बात काफी हद तक गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर निरà¥à¤à¤° करती है। कई डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¥€ मानते हैं कि जिन महिलाओं की पहले सिजेरियन डिलीवरी हो चà¥à¤•ी है, उनकी अगली डिलीवरी नॉरà¥à¤®à¤² हो सकती है (14)।
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के पेट में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ हों, तो कà¥à¤¯à¤¾ उसकी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी हो सकती है?
जी हां, अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के गरà¥à¤ में मौजूद दोनों बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हैं, तो उनकी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी हो सकती है। अगर पहला बचà¥à¤šà¤¾ सीधा है, तो नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है, लेकिन दूसरे बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखकर à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी की कोशिश करनी चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¥€ कई महिलाà¤à¤‚ हैं, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सामानà¥à¤¯ तरीके से जà¥à¥œà¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को जनà¥à¤® दिया है।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ जटिलताà¤à¤‚ होती हैं?
वैसे तो नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी को बिलà¥à¤•à¥à¤² सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना जाता है, लेकिन इस दौरान कà¤à¥€-कà¤à¥€ नीचे दी गई जटिलताओं से जूà¤à¤¨à¤¾ पड़ सकता है :
पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा का अचानक टूट जाना।
à¤à¥à¤°à¥‚ण का सिर पहले बाहर आना।
शिशॠके दिल की धड़कन घटना या बढ़ना।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ होना।
पानी की थैली का जलà¥à¤¦à¥€ फट जाना।
à¤à¤¸à¥€ किसी à¤à¥€ तरह की जटिलता होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° तà¥à¤°à¤‚त सिजेरियन डिलीवरी करने का फैसला ले सकते हैं।
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में कितना दरà¥à¤¦ होता है?
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के दौरान हर महिला का अनà¥à¤à¤µ अलग-अलग हो सकता है। महिला को डिलीवरी के दौरान कितना दरà¥à¤¦ होगा, यह उसकी शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर निरà¥à¤à¤° करता है।
हम उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करते हैं कि इस लेख को पढ़ने के बाद आपको नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी का महतà¥à¤µ समठआ गया होगा। चाहे कà¥à¤› à¤à¥€ हो, नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी को सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ से बेहतर ही माना गया है और डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¥€ इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ करते हैं। इसलिà¤, अगर आप à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं, तो उन सà¤à¥€ टिपà¥à¤¸ को फॉलो करें, जिससे नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ à¤à¤¸à¥€ और जानकारियों के लिठआप हमारे अनà¥à¤¯ लेख पढ़ सकते हैं।
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